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الشعراء /

आयत 165

26 : 165

आयत 165 of الشعراء (26 : 165). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

الشعراء आयतें 227
सूरह · الشعراء
हिन्दी · Omari
26 : 165

أَتَأۡتُونَ ٱلذُّكۡرَانَ مِنَ ٱلۡعَٰلَمِينَ

क्या सभी संसारों में से तुम पुरुषों के पास आते हो।

Explanation & meanings · 1
  1. इस कुकर्म का आरंभ संसार में लूत (अलैहिस्सलाम) की जाति से हुआ। और अब यह कुकर्म पूरे विश्व में विशेष रूप से यूरोपीय देशों में व्यापक है। और समलैंगिक विवाह को यूरोप के बहुत-से देशों में वैध मान लिया गया है। जिसके कारण कभी भी उन पर अल्लाह की यातना आ सकती है।