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الفُرقَان /

आयत 77

25 : 77
الفُرقَان आयतें 77
सूरह · الفُرقَان
हिन्दी · Omari
25 : 77

قُلۡ مَا يَعۡبَؤُاْ بِكُمۡ رَبِّي لَوۡلَا دُعَآؤُكُمۡۖ فَقَدۡ كَذَّبۡتُمۡ فَسَوۡفَ يَكُونُ لِزَامَۢا

(ऐ नबी!) कह दें : मेरे पालनहार को तुम्हारी कोई परवाह नहीं, यदि तुम (उसे) न पुकारो। क्योंकि निश्चय ही तुमने झुठलाया है, तो शीघ्र (उसका परिणाम) आ जाएगा।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उससे प्रार्थना तथा उसकी इबादत न करो।