25 : 28
يَٰوَيۡلَتَىٰ لَيۡتَنِي لَمۡ أَتَّخِذۡ فُلَانًا خَلِيلٗا
हाय मेरा विनाश! काश मैंने अमुक व्यक्ति को मित्र न बनाया होता।
يَٰوَيۡلَتَىٰ لَيۡتَنِي لَمۡ أَتَّخِذۡ فُلَانًا خَلِيلٗا
हाय मेरा विनाश! काश मैंने अमुक व्यक्ति को मित्र न बनाया होता।