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الحج /

आयत 44

22 : 44
الحج आयतें 78
सूरह · الحج
हिन्दी · Omari
22 : 44

وَأَصۡحَٰبُ مَدۡيَنَۖ وَكُذِّبَ مُوسَىٰۖ فَأَمۡلَيۡتُ لِلۡكَٰفِرِينَ ثُمَّ أَخَذۡتُهُمۡۖ فَكَيۡفَ كَانَ نَكِيرِ

तथा मदयन वालों ने। और मूसा (भी) झुठलाए गए, तो मैंने उन काफ़िरों को मोहलत दी, फिर मैंने उन्हें पकड़ लिया। तो मेरा दंड कैसा था?

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात शुऐब अलैहिस्सलाम की जाति ने।