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الحج /

आयत 12

22 : 12
الحج आयतें 78
सूरह · الحج
हिन्दी · Omari
22 : 12

يَدۡعُواْ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَضُرُّهُۥ وَمَا لَا يَنفَعُهُۥۚ ذَٰلِكَ هُوَ ٱلضَّلَٰلُ ٱلۡبَعِيدُ

वह अल्लाह को छोड़कर उसे पुकारता है, जो न उसे हानि पहुँचाता है और न उसे लाभ पहुँचाता है। यही तो दूर की गुमराही है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात कोई दुःख होने पर अल्लाह के सिवा दूसरों को पुकारना।