Skip to content
الأنبيَاء /

आयत 65

21 : 65
الأنبيَاء आयतें 112
सूरह · الأنبيَاء
हिन्दी · Omari
21 : 65

ثُمَّ نُكِسُواْ عَلَىٰ رُءُوسِهِمۡ لَقَدۡ عَلِمۡتَ مَا هَٰٓؤُلَآءِ يَنطِقُونَ

फिर वे अपने सिरों के बल औंधे कर दिए गए, (और बोले :) निःसंदेह तू जानता है कि ये बोलते नहीं।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात सत्य को स्वीकार करके उससे फिर गए और अपनी ज़िद पर लौट आए।