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البَقَرَة /

आयत 279

2 : 279
البَقَرَة आयतें 286
सूरह · البَقَرَة
हिन्दी · Omari
2 : 279

فَإِن لَّمۡ تَفۡعَلُواْ فَأۡذَنُواْ بِحَرۡبٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦۖ وَإِن تُبۡتُمۡ فَلَكُمۡ رُءُوسُ أَمۡوَٰلِكُمۡ لَا تَظۡلِمُونَ وَلَا تُظۡلَمُونَ

फिर यदि तुमने ऐसा न किया, तो अल्लाह और उसके रसूल की ओर से युद्ध की घोषणा से सावधान हो जाओ। और यदि तुम तौबा कर लो, तो तुम्हारे लिए तुम्हारे मूलधन हैं, न तुम अत्याचार करोगे और न तुमपर अत्याचार किया जाएगा।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात मूल धन से अधिक नहीं लोगे।