Skip to content
البَقَرَة /

आयत 207

2 : 207
البَقَرَة आयतें 286
सूरह · البَقَرَة
हिन्दी · Omari
2 : 207

وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يَشۡرِي نَفۡسَهُ ٱبۡتِغَآءَ مَرۡضَاتِ ٱللَّهِۚ وَٱللَّهُ رَءُوفُۢ بِٱلۡعِبَادِ

तथा लोगों में ऐसा व्यक्ति भी है, जो अल्लाह की प्रसन्नता की खोज में अपना प्राण बेच देता है और अल्लाह उन बंदों पर अनंत करुणामय है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उसकी राह में और उसकी आज्ञा के अनुपालन द्वारा।