Skip to content
مَريَم /

आयत 79

19 : 79
مَريَم आयतें 98
सूरह · مَريَم
हिन्दी · Omari
19 : 79

كَلَّاۚ سَنَكۡتُبُ مَا يَقُولُ وَنَمُدُّ لَهُۥ مِنَ ٱلۡعَذَابِ مَدّٗا

कदापि नहीं! हम अवश्य लिखेंगे, जो कुछ वह कहता है और हम उसके लिए यातना में अत्यधिक वृद्धि कर देंगे।