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الكَهف /

आयत 97

18 : 97
الكَهف आयतें 110
सूरह · الكَهف
हिन्दी · Omari
18 : 97

فَمَا ٱسۡطَٰعُوٓاْ أَن يَظۡهَرُوهُ وَمَا ٱسۡتَطَٰعُواْ لَهُۥ نَقۡبٗا

फिर उनमें न यह शक्ति रही कि उस पर चढ़ सकें और न वे उसमें कोई छेद कर सके।