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الكَهف /

आयत 86

18 : 86
الكَهف आयतें 110
सूरह · الكَهف
हिन्दी · Omari
18 : 86

حَتَّىٰٓ إِذَا بَلَغَ مَغۡرِبَ ٱلشَّمۡسِ وَجَدَهَا تَغۡرُبُ فِي عَيۡنٍ حَمِئَةٖ وَوَجَدَ عِندَهَا قَوۡمٗاۖ قُلۡنَا يَٰذَا ٱلۡقَرۡنَيۡنِ إِمَّآ أَن تُعَذِّبَ وَإِمَّآ أَن تَتَّخِذَ فِيهِمۡ حُسۡنٗا

यहाँ तक कि जब वह सूर्यास्त के स्थान तक पहुँचा, तो उसे पाया कि वह एक काले कीचड़ वाले जलस्रोत में डूब रहा है और उसके पास एक जाति को पाया। हमने कहा : ऐ ज़ुल-क़रनैन! या तो तू उन्हें यातना दे और या तो तू उनके साथ अच्छा व्यवहार कर।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात पश्चिम की अंतिम सीमा तक।