16 : 84
وَيَوۡمَ نَبۡعَثُ مِن كُلِّ أُمَّةٖ شَهِيدٗا ثُمَّ لَا يُؤۡذَنُ لِلَّذِينَ كَفَرُواْ وَلَا هُمۡ يُسۡتَعۡتَبُونَ
और जिस दिन हम प्रत्येक समुदाय से एक गवाह खड़ा करेंगे, फिर काफ़िरों को अनुमति नहीं दी जाएगी और न उनसे क्षमा की याचना स्वीकार की जाएगी।
Explanation & meanings · 2
- अर्थात प्रलय के दिन।
- (देखिए : सूरतुन्-निसा, आयत : 41)