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النَّحل /

आयत 56

16 : 56
النَّحل आयतें 128
सूरह · النَّحل
हिन्दी · Omari
16 : 56

وَيَجۡعَلُونَ لِمَا لَا يَعۡلَمُونَ نَصِيبٗا مِّمَّا رَزَقۡنَٰهُمۡۗ تَٱللَّهِ لَتُسۡـَٔلُنَّ عَمَّا كُنتُمۡ تَفۡتَرُونَ

और वे हमारी दी हुई चीज़ों में उनका भाग लगाते हैं, जो कुछ नहीं जानते। अल्लाह की क़सम! तुम जो झूठ गढ़ते हो, उसके संबंध में तुमसे अवश्य पूछा जाएगा।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात अपने देवी-देवताओं का, जो कुछ भी नहीं जानते; क्योंकि वे निर्जीव हैं, और न ही वे लाभ या हानि का अधिकार रखते हैं।