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القَارعَة /

आयत 3

101 : 3

आयत 3 of القَارعَة (101 : 3). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

القَارعَة आयतें 11
सूरह · القَارعَة
हिन्दी · Omari
101 : 3

وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلۡقَارِعَةُ

और तुम क्या जानो कि वह खड़खड़ा देने वाली क्या है?

Explanation & meanings · 1
  1. 'क़ारिअह' प्रलय ही का एक नाम है जो उसके समय की घोर दशा का चित्रण करता है। इसका शाब्दिक अर्थ द्वार खटखटाना है। जब कोई अतिथि अकस्मात रात में आता है तो उसे दरवाज़ा खटखटाने की आवश्यकता होती है। जिससे एक तो यह ज्ञात हुआ कि प्रलय अकस्मात होगी। और दूसरा यह ज्ञात हुआ कि वह कड़ी ध्वनि और भारी उथल-पुथल के साथ आएगी। इसे प्रश्नवाचक वाक्यों में दोहराना सावधान करने और उसकी गंभीरता को प्रस्तुत करने के लिए है।