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يُونس /

आयत 100

10 : 100
يُونس आयतें 109
सूरह · يُونس
हिन्दी · Omari
10 : 100

وَمَا كَانَ لِنَفۡسٍ أَن تُؤۡمِنَ إِلَّا بِإِذۡنِ ٱللَّهِۚ وَيَجۡعَلُ ٱلرِّجۡسَ عَلَى ٱلَّذِينَ لَا يَعۡقِلُونَ

किसी प्राणी के लिए यह संभव नहीं है कि वह अल्लाह की अनुमति के बिना ईमान लाए और वह उन लोगों पर मलिनता डाल देता है, जो समझ नहीं रखते।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात् उसके स्वभाविक नियम के अनुसार जो सोच-विचार से काम लेता है, वही ईमान लाता है।