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अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक साअ पानी से जनाबत का स्नान और एक मुद्द पानी से वज़ू कर लिया करते थे।

सफ़ीना रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है, वह कहते हैं :

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक साअ पानी से जनाबत का स्नान और एक मुद्द पानी से वज़ू कर लिया करते थे।

كَانَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُغَسِّلُهُ الصَّاعُ مِنَ المَاءِ مِنَ الجَنَابَةِ، وَيُوَضِّئُهُ المُدُّ.

इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
स्पष्टीकरण

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जनाबत का स्नान एक साअ और वज़ू एक मुद्द पानी से कर लिया करते थे। साअ चार मुद्द का होता है और मुद्द की मात्रा एक मध्यम शरीर वाले इन्सान की दोनों हथेलियों भर की होती है।

हदीस के कुछ फ़ायदे

यह हदीस वज़ू तथा स्नान करते समय पानी बचाने और ज़रूरत से अधिक पानी खर्च न करने की शिक्षा देती है, चाहे पानी आसानी से उपलब्ध क्यों न हो जाता हो।

वज़ू और स्नान करते समय आवश्यकता अनुसार और कम से कम पानी का प्रयोग करना मुस्तहब है और यही अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का तरीक़ा है।

इस हदीस का उद्देश्य वज़ू और स्नान की सुन्नतों तथा आदाब का ख़्याल रखते हुए, पानी के इस्तेमाल में फ़ुज़ूलखर्ची और कंजूसी किए बिना, समय और पानी की उपलब्धता एवं अनुपलब्धता को ध्यान में रखते हुए, वज़ू एवं स्नान करने के कार्य संपूर्ण रूप से संपन्न कराना है।

अरबी शब्द जनाबत का प्रयोग हर उस व्यक्ति के लिए होता है, जिसने वीर्य स्खलन या संभोग किया हो। जनाबत को जनाबत इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस अवस्था में इन्सान पाक हो जाने तक नमाज़ और इबादतों से दूर रहता है।

साअ एक प्रसिद्ध मापक पात्र है। यहाँ मुराद सा-ए-नबवी है, जिसका वज़न उत्कृष्ट प्रकार के गेहूँ का 480 मिस्क़ाल और लीटर में तीन लीटर है।

मुद्द एक शरई माप इकाई है। इससे मुराद एक सामान्य शरीर वाले इन्सान की दोनों हथेलियों भर चीज़ है, जब उनको पूरा फैलाकर भरा जाए। मुद्द एक चौथाई साअ है, इसपर सारे फ़क़ीह एकमत हैं। इसकी मात्रा 750 मिलीलीटर होती है।

समीक्षक

सह़ीह़ मुस्लिम (1/ 258) (326).

अधिक (1)

البحر المحيط الثجاج في شرح صحيح الإمام مسلم بن الحجاج (8/ 52).