तुम्हारे अंदर सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जिसका आचरण सबसे अच्छा है।
अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, उन्होंने कहा :
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम न तो अश्लील थे और न गंदी बातें और गंदे कार्य किया करते थे। आप फ़रमाया करते थे : "तुम्हारे अंदर सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जिसका आचरण सबसे अच्छा है।"
لَمْ يَكُنِ النَّبِيُّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاحِشًا وَلَا مُتَفَحِّشًا، وَكَانَ يَقُولُ: «إِنَّ مِنْ خِيَارِكُمْ أَحْسَنَكُمْ أَخْلَاقًا».
बुरी बात करना या बुरा कार्य करना अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आचरण का हिस्सा नहीं था। आप ऐसा करने का या कहने का सोचते भी नहीं थे। आप महान आचरण के मालिक थे। आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कहा करते थे : अल्लाह के निकट तुममें से सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जो सबसे अच्छे आचरण का मालिक हो। यानी वह लोगों का भला करता हो, हँसकर मिलता हो, किसी को कष्ट न देता हो, कोई कष्ट दे तो सहन कर लेता हो और लोगों से अच्छी तरह मेल-जोल रखता हो।
...:
मोमिन पर बुरी बात तथा बुरे कार्य से दूर रहना ज़रूरी है।
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आदर्श आचरण के मालिक थे। आप केवल अच्छे कार्य करते और अच्छी बात ही कहते थे।
इन्सान को अच्छे आचरण के मामले में एक-दूसरे से आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। जो इस मैदान में आगे बढ़ गया, वह सबसे उत्तम तथा सबसे ईमान वाला मोमिन बन गया।
सह़ीह़ बुख़ारी (4/ 189) (3559).
सह़ीह़ मुस्लिम (4/ 1810) (2321).
अधिक (4)
بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين.
لسليم الهلالي (1/ 672).
تطريز رياض الصالحين.
لفيصل آل مبارك (ص410).
पुस्तकों में उद्धृत
5 पुस्तकेंअधिक (5)
- المناهج التعليمية - الصف السادسالمناهج الدراسية - الحديث - الصف السادس - الفصل الأول «لَمْ يَكُنِ النَّبِيُّ ﷺ فَاحِشًا وَلَا مُتَفَحِّشًا، وَكَانَ يَقُولُ: إِنَّ مِنْ خِيَارِكُمْ أَحْسَنَكُمْ أَخْلَاقًا».
- رسالة موجزة عن الإسلام كما جاء في القرآن الكريم والسنة النبوية (مشتملة على الأدلة)رِسَالَةٌُ مُوجَزَةٌُ عَنِ الْإِسْلَامِ كَمَا جَاءَ فِي الْقُرْآنِ الْكَرِيمِ وَالسَّنَةِ النَّبَوِيَّة-مشتملة على الأدلة -للحرمين-«إِنَّ مِنْ خِيَارِكُمْ أَحْسَنَكُمْ أَخْلاَقًا» [45].
- رياض الصالحينرياض الصالحين مع فوائد وهدايات - 3«إنَّ مِنْ خِيارِكُم أَحْسَنَكُمْ أَخْلاقاً».
- مشروع المنهج التعليميمادة الحديث مستوى 1لم يَكنِ النبيّ ﷺ فاحِشًا ولا مُتفحّشًا، وكان يقول: «إِنّ من خياركم أحسنَكم أخلاقًا»
- مشروع المنهج التعليميمادة الحديث مستوى 1«إِنّ من خياركم أحسنَكم أخلاقًا».