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الضُّحى /

आयत 9

93 : 9

आयत 9 of الضُّحى (93 : 9). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

الضُّحى आयतें 11
सूरह · الضُّحى
हिन्दी · Omari
93 : 9

فَأَمَّا ٱلۡيَتِيمَ فَلَا تَقۡهَرۡ

अतः आप अनाथ पर कठोरता न दिखाएँ।

Explanation & meanings · 1
  1. (1-9) इन आयतों में अल्लाह ने नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से फरमाया है कि तुम्हें यह चिंता कैसे हो गई है कि हम अप्रसन्न हो गए? हमने तो तुम्हारे जन्म के दिन से निरंतर तुमपर उपकार किए हैं। तुम अनाथ थे, तो तुम्हारे पालन और रक्षा की व्यवस्था की। राह से अंजान थे, तो राह दिखाई। निर्धन थे, तो धनी बना दिया। ये बातें बता रही हैं कि तुम आरंभ ही से हमारे प्रियवर हो और तुमपर हमारा उपकार निरंतर रहा है।