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عَبَسَ /

आयत 32

80 : 32

आयत 32 of عَبَسَ (80 : 32). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

عَبَسَ आयतें 42
सूरह · عَبَسَ
हिन्दी · Omari
80 : 32

مَّتَٰعٗا لَّكُمۡ وَلِأَنۡعَٰمِكُمۡ

तुम्हारे लिए तथा तुम्हारे पशुओं के लिए जीवन-सामग्री के रूप में।

Explanation & meanings · 1
  1. (24-32) इन आयतों में इनसान के जीवन साधनों को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो अल्लाह की अपार दया की परिचायक हैं। अतः जब सारी व्यवस्था वही करता है, तो फिर उसके इन उपकारों पर इनसान के लिए उचित था कि उसी की बात माने और उसी के आदेशों का पालन करे जो क़ुरआन के माध्यम से अंतिम नबी मुह़म्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्म) द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। (दावतुल क़ुरआन)