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النَّازعَات /

आयत 45

79 : 45
النَّازعَات आयतें 46
सूरह · النَّازعَات
हिन्दी · Omari
79 : 45

إِنَّمَآ أَنتَ مُنذِرُ مَن يَخۡشَىٰهَا

आप तो केवल उसे डराने वाले हैं, जो उससे डरता है।

Explanation & meanings · 1
  1. (45) इस आयत में कहा गया है कि (ऐ नबी!) सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आप का दायित्व मात्र उस दिन से सावधान करना है। धर्म बलपूर्वक मनवाने के लिए नहीं। जो नहीं मानेगा, उसे स्वयं उस दिन समझ में आ जाएगा कि उसने क्षण भर के सांसारिक जीवन के स्वार्थ के लिए अपना स्थायी सुख खो दिया। और उस समय पछतावे का कुछ लाभ नहीं होगा।