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النَّازعَات /

आयत 35

79 : 35

आयत 35 of النَّازعَات (79 : 35). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

النَّازعَات आयतें 46
सूरह · النَّازعَات
हिन्दी · Omari
79 : 35

يَوۡمَ يَتَذَكَّرُ ٱلۡإِنسَٰنُ مَا سَعَىٰ

जिस दिन इनसान अपने किए को याद करेगा।

Explanation & meanings · 1
  1. (35) यह प्रलय का तीसरा चरण होगा जबकि वह सामने होगी। उस दिन प्रत्येक व्यक्ति को अपने सांसारिक कर्म याद आएँगे और कर्मानुसार जिसने सत्य धर्म की शिक्षा का पालन किया होगा उसे स्वर्ग का सुख मिलेगा और जिसने सत्य धर्म और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को नकारा और मनमानी धर्म और कर्म किया होगा वह नरक का स्थायी दुःख भोगेगा।