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النَّبَإ /

आयत 30

78 : 30

आयत 30 of النَّبَإ (78 : 30). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

النَّبَإ आयतें 40
सूरह · النَّبَإ
हिन्दी · Omari
78 : 30

فَذُوقُواْ فَلَن نَّزِيدَكُمۡ إِلَّا عَذَابًا

तो चखो, हम तुम्हारे लिए यातना ही अधिक करते रहेंगे।

Explanation & meanings · 1
  1. (21-30) इन आयतों में बताया गया है कि जो ह़िसाब की आशा नहीं रखते और हमारी आयतों को नहीं मानते हमने उनकी एक-एक करतूत को गिनकर अपने यहाँ लिख रखा है। और उनकी ख़बर लेने के लिए नरक घात लगाए तैयार है, जहाँ उनके कुकर्मों का भरपूर बदला दिया जाएगा।