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القِيَامة /

आयत 11

75 : 11
القِيَامة आयतें 40
सूरह · القِيَامة
हिन्दी · Omari
75 : 11

كَلَّا لَا وَزَرَ

कदापि नहीं, शरण लेने का स्थान कोई नहीं।