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الجِن /

आयत 22

72 : 22
الجِن आयतें 28
सूरह · الجِن
हिन्दी · Omari
72 : 22

قُلۡ إِنِّي لَن يُجِيرَنِي مِنَ ٱللَّهِ أَحَدٞ وَلَنۡ أَجِدَ مِن دُونِهِۦ مُلۡتَحَدًا

आप कह दें : निश्चय मुझे कदापि कोई अल्लाह से नहीं बचा सकेगा और न मैं उसके सिवा कभी कोई शरण का स्थान पाऊँगा।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात यदि मैं उसकी अवज्ञा करूँ और वह मुझे यातना देना चाहे।