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الأعرَاف /

आयत 5

7 : 5
الأعرَاف आयतें 206
सूरह · الأعرَاف
हिन्दी · Omari
7 : 5

فَمَا كَانَ دَعۡوَىٰهُمۡ إِذۡ جَآءَهُم بَأۡسُنَآ إِلَّآ أَن قَالُوٓاْ إِنَّا كُنَّا ظَٰلِمِينَ

फिर जब उनपर हमारा प्रकोप आ पड़ा, तो उनकी पुकार यह कहने के सिवा कुछ नहीं थी : निश्चय हम ही अत्याचारी थे।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात अपनी हठधर्मी को उस समय स्वीकार किया।