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الحَاقة /

आयत 33

69 : 33
الحَاقة आयतें 52
सूरह · الحَاقة
हिन्दी · Omari
69 : 33

إِنَّهُۥ كَانَ لَا يُؤۡمِنُ بِٱللَّهِ ٱلۡعَظِيمِ

निःसंदेह वह सबसे महान अल्लाह पर ईमान नहीं रखता था।