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المُلك /

आयत 12

67 : 12

आयत 12 of المُلك (67 : 12). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

المُلك आयतें 30
सूरह · المُلك
हिन्दी · Omari
67 : 12

إِنَّ ٱلَّذِينَ يَخۡشَوۡنَ رَبَّهُم بِٱلۡغَيۡبِ لَهُم مَّغۡفِرَةٞ وَأَجۡرٞ كَبِيرٞ

निःसंदेह जो लोग अपने रब से बिन देखे डरते हैं, उनके लिए क्षमा तथा बड़ा प्रतिफल है।

Explanation & meanings · 1
  1. ह़दीस में है कि मैंने अपने सदाचारी भक्तों के लिए ऐसी चीज़ तैयार की है जिसे न किसी आँख ने देखा, न किसी कान ने सुना और न किसी दिल ने सोचा। (सह़ीह़ बुख़ारी : 3244, सह़ीह़ मुस्लिम : 2824)