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التَّحرِيم /

आयत 9

66 : 9

आयत 9 of التَّحرِيم (66 : 9). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

التَّحرِيم आयतें 12
सूरह · التَّحرِيم
हिन्दी · Omari
66 : 9

يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِيُّ جَٰهِدِ ٱلۡكُفَّارَ وَٱلۡمُنَٰفِقِينَ وَٱغۡلُظۡ عَلَيۡهِمۡۚ وَمَأۡوَىٰهُمۡ جَهَنَّمُۖ وَبِئۡسَ ٱلۡمَصِيرُ

ऐ नबी! काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों से जिहाद करें और उनपर सख़्ती करें और उनका ठिकाना जहन्नम है और वह बहुत बुरा ठिकाना है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात जो काफ़िर इस्लाम के प्रचार से रोकते हैं, और जो मुनाफ़िक़ उपद्रव फैलाते हैं उनके साथ सख़्ती से पेश आएँ।