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التغَابُن /

आयत 3

64 : 3
التغَابُن आयतें 18
सूरह · التغَابُن
हिन्दी · Omari
64 : 3

خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ بِٱلۡحَقِّ وَصَوَّرَكُمۡ فَأَحۡسَنَ صُوَرَكُمۡۖ وَإِلَيۡهِ ٱلۡمَصِيرُ

उसने आकाशों तथा धरती को सत्य के साथ पैदा किया। तथा उसने तुम्हारे रूप बनाए, तो तुम्हारे रूप अच्छे बनाए। और उसी की ओर लौटकर जाना है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात प्रलय के दिन कर्मों का प्रतिफल पाने के लिए।