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الأنعَام /

आयत 42

6 : 42
الأنعَام आयतें 165
सूरह · الأنعَام
हिन्दी · Omari
6 : 42

وَلَقَدۡ أَرۡسَلۡنَآ إِلَىٰٓ أُمَمٖ مِّن قَبۡلِكَ فَأَخَذۡنَٰهُم بِٱلۡبَأۡسَآءِ وَٱلضَّرَّآءِ لَعَلَّهُمۡ يَتَضَرَّعُونَ

और निःसंदेह हमने आपसे पहले कई समुदायों की ओर रसूल भेजे, फिर हमने उन्हें दरिद्रता और कष्ट के साथ पकड़ा, ताकि वे गिड़गिड़ाएँ।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात ताकि अल्लाह से विनय करें और उस के सामने झुक जाएँ।