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الأنعَام /

आयत 165

6 : 165

आयत 165 of الأنعَام (6 : 165). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

الأنعَام आयतें 165
सूरह · الأنعَام
हिन्दी · Omari
6 : 165

وَهُوَ ٱلَّذِي جَعَلَكُمۡ خَلَٰٓئِفَ ٱلۡأَرۡضِ وَرَفَعَ بَعۡضَكُمۡ فَوۡقَ بَعۡضٖ دَرَجَٰتٖ لِّيَبۡلُوَكُمۡ فِي مَآ ءَاتَىٰكُمۡۗ إِنَّ رَبَّكَ سَرِيعُ ٱلۡعِقَابِ وَإِنَّهُۥ لَغَفُورٞ رَّحِيمُۢ

और वही है, जिसने तुम्हें धरती में उत्तराधिकारी बनाया और तुममें से कुछ लोगों के दरजे दूसरे लोगों की अपेक्षा ऊँचे रखे। ताकि उसने तुम्हें जो कुछ दिया है, उसमें तुम्हारी परीक्षा ले। निश्चय आपका पालनहार शीघ्र ही दंड देने वाला है। और निश्चय वह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान् है।

Explanation & meanings · 2
  1. नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने कहा : काबा के रब की क़सम! वह क्षति में पड़ गया। अबूज़र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने कहा : कौन? आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कहा : धनी। परंतु जो दान करता रहता है। (सह़ीह़ बुख़ारी : 6638, सह़ीह़ मुस्लिम : 990)
  2. अर्थात अवज्ञाकारियों को।