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الوَاقِعة /

आयत 61

56 : 61
الوَاقِعة आयतें 96
सूरह · الوَاقِعة
हिन्दी · Omari
56 : 61

عَلَىٰٓ أَن نُّبَدِّلَ أَمۡثَٰلَكُمۡ وَنُنشِئَكُمۡ فِي مَا لَا تَعۡلَمُونَ

कि हम तुम्हारे रूप को परिवर्तित कर दें और तुम्हें ऐसी शक्ल-सूरत में पैदा कर दें, जिसे तुम नहीं जानते।