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الوَاقِعة /

आयत 44

56 : 44
الوَاقِعة आयतें 96
सूरह · الوَاقِعة
हिन्दी · Omari
56 : 44

لَّا بَارِدٖ وَلَا كَرِيمٍ

जो न शीतल होगा और न देखने में अच्छी ही लगेगा।