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الجاثِية /

आयत 4

45 : 4

आयत 4 of الجاثِية (45 : 4). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

الجاثِية आयतें 37
सूरह · الجاثِية
हिन्दी · Omari
45 : 4

وَفِي خَلۡقِكُمۡ وَمَا يَبُثُّ مِن دَآبَّةٍ ءَايَٰتٞ لِّقَوۡمٖ يُوقِنُونَ

तथा तुम्हारी सृष्टि में और उन जीवित चीज़ों में जो वह फैलाता है, उन लोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं जो विश्वास करते हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. तौह़ीद (एकेश्वरवाद) के प्रकरण में क़ुरआन ने प्रत्येक स्थान पर आकाश तथा धरती में अल्लाह के सामर्थ्य की फैली हुई निशानियों को प्रस्तुत किया है। और यह बताया है कि जैसे उसने वर्षा द्वारा मनुष्य के आर्थिक जीवन की व्यवस्था कर दी है, वैसे ही रसूलों तथा पुस्तकों द्वारा उसके आत्मिक जीवन की व्यवस्था कर दी है जिसपर आश्चर्य नहीं होना चाहिए। यह विश्व की व्यवस्था स्वयं ऐसी खुली पुस्तक है जिसके पश्चात् ईमान लाने के लिए किसी और प्रमाण की आवश्यकता नहीं है।