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الدُّخان /

आयत 41

44 : 41
الدُّخان आयतें 59
सूरह · الدُّخان
हिन्दी · Omari
44 : 41

يَوۡمَ لَا يُغۡنِي مَوۡلًى عَن مَّوۡلٗى شَيۡـٔٗا وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ

जिस दिन कोई साथी किसी साथी के कुछ काम न आएगा और न उनकी सहायता की जाएगी।