Skip to content
الزُّخرُف /

आयत 5

43 : 5
الزُّخرُف आयतें 89
सूरह · الزُّخرُف
हिन्दी · Omari
43 : 5

أَفَنَضۡرِبُ عَنكُمُ ٱلذِّكۡرَ صَفۡحًا أَن كُنتُمۡ قَوۡمٗا مُّسۡرِفِينَ

तो क्या हम तुमसे इस नसीहत को फेर दें, उपेक्षा करते हुए, इस कारण कि तुम हद से बढ़ने वाले लोग हो?