Skip to content
الزُّخرُف /

आयत 35

43 : 35
الزُّخرُف आयतें 89
सूरह · الزُّخرُف
हिन्दी · Omari
43 : 35

وَزُخۡرُفٗاۚ وَإِن كُلُّ ذَٰلِكَ لَمَّا مَتَٰعُ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۚ وَٱلۡأٓخِرَةُ عِندَ رَبِّكَ لِلۡمُتَّقِينَ

और सोने के (बना देते)। यह सब तो मात्र सांसारिक जीवन का सामान है तथा आख़िरत आपके पालनहार के यहाँ केवल परहेज़गारों के लिए है।

Explanation & meanings · 1
  1. भावार्थ यह है कि सांसारिक धन-धान्य का अल्लाह के यहाँ कोई महत्व नहीं है।