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فُصِّلَت /

आयत 32

41 : 32
فُصِّلَت आयतें 54
सूरह · فُصِّلَت
हिन्दी · Omari
41 : 32

نُزُلٗا مِّنۡ غَفُورٖ رَّحِيمٖ

(यह) अति क्षमाशील, असीम दयावान् की ओर से आतिथ्य है।