4 : 50
ٱنظُرۡ كَيۡفَ يَفۡتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلۡكَذِبَۖ وَكَفَىٰ بِهِۦٓ إِثۡمٗا مُّبِينًا
देखो तो सही, वे लोग कैसे अल्लाह पर मिथ्या आरोप लगा रहे हैं! और यह खुला पाप होने के लिए पर्याप्त है।
Explanation & meanings · 1
- अर्थात अल्लाह का नियम तो यह है कि पवित्रता, ईमान तथा सत्कर्म पर निर्भर है, और ये कहते हैं कि यहूदिय्यत पर है।