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الصَّافَات /

आयत 57

37 : 57
الصَّافَات आयतें 182
सूरह · الصَّافَات
हिन्दी · Omari
37 : 57

وَلَوۡلَا نِعۡمَةُ رَبِّي لَكُنتُ مِنَ ٱلۡمُحۡضَرِينَ

और यदि मेरे पालनहार की अनुकंपा न होती, तो निश्चय मैं भी (जहन्नम में) उपस्थित किए गए लोगों में से होता।