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يسٓ /

आयत 49

36 : 49
يسٓ आयतें 83
सूरह · يسٓ
हिन्दी · Omari
36 : 49

مَا يَنظُرُونَ إِلَّا صَيۡحَةٗ وَٰحِدَةٗ تَأۡخُذُهُمۡ وَهُمۡ يَخِصِّمُونَ

वे केवल एक चिंघाड़ की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो उन्हें आ पकड़ेगी, जबकि वे (आपस में) झगड़ रहे होंगे।

Explanation & meanings · 1
  1. इससे अभिप्राय प्रथम सूर है जिसमें फूँकते ही अल्लाह के सिवा सब मर जाएँगे।