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فَاطِر /

आयत 45

35 : 45

आयत 45 of فَاطِر (35 : 45). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

فَاطِر आयतें 45
सूरह · فَاطِر
हिन्दी · Omari
35 : 45

وَلَوۡ يُؤَاخِذُ ٱللَّهُ ٱلنَّاسَ بِمَا كَسَبُواْ مَا تَرَكَ عَلَىٰ ظَهۡرِهَا مِن دَآبَّةٖ وَلَٰكِن يُؤَخِّرُهُمۡ إِلَىٰٓ أَجَلٖ مُّسَمّٗىۖ فَإِذَا جَآءَ أَجَلُهُمۡ فَإِنَّ ٱللَّهَ كَانَ بِعِبَادِهِۦ بَصِيرَۢا

और यदि अल्लाह लोगों की उनके कार्यों के कारण पकड़ करने लगे, तो धरती के ऊपर किसी चलने वाले को न छोड़े। परंतु वह उन्हें एक निर्धारित अवधि तक मोहलत देता है। फिर जब उनका निर्धारित समय आ जाएगा, तो अल्लाह अपने बंदों को भली-भाँति देखने वाला है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उस दिन उनके कर्मों का बदला चुका देगा।