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فَاطِر /

आयत 2

35 : 2
فَاطِر आयतें 45
सूरह · فَاطِر
हिन्दी · Omari
35 : 2

مَّا يَفۡتَحِ ٱللَّهُ لِلنَّاسِ مِن رَّحۡمَةٖ فَلَا مُمۡسِكَ لَهَاۖ وَمَا يُمۡسِكۡ فَلَا مُرۡسِلَ لَهُۥ مِنۢ بَعۡدِهِۦۚ وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ

अल्लाह लोगों के लिए जो दया खोल दे, उसे कोई रोकने वाला नहीं। तथा जिसे रोक ले, तो उसके बाद, उसे कोई भेजने (खोलने) वाला नहीं। तथा वही सब पर प्रभुत्ववशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात स्वास्थ्य, धन, ज्ञान आदि प्रदान करे।