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سَبإ /

आयत 5

34 : 5
سَبإ आयतें 54
सूरह · سَبإ
हिन्दी · Omari
34 : 5

وَٱلَّذِينَ سَعَوۡ فِيٓ ءَايَٰتِنَا مُعَٰجِزِينَ أُوْلَٰٓئِكَ لَهُمۡ عَذَابٞ مِّن رِّجۡزٍ أَلِيمٞ

तथा जिन लोगों ने हमारी आयतों को नीचा दिखाने का प्रयास किया, उन लोगों के लिए कठोर दुःखदायी यातना है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात हमारी आयतों से रोकते हैं और समझते हैं कि हम उनको पकड़ने में विवश होंगे।