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الرُّوم /

आयत 7

30 : 7
الرُّوم आयतें 60
सूरह · الرُّوم
हिन्दी · Omari
30 : 7

يَعۡلَمُونَ ظَٰهِرٗا مِّنَ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَهُمۡ عَنِ ٱلۡأٓخِرَةِ هُمۡ غَٰفِلُونَ

वे केवल दुनिया के जीवन के कुछ बाहरी स्वरूप को जानते हैं, और वे आख़िरत से बिलकुल गाफ़िल हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात सुख-सुविधा और आनंद को। और वे इससे अचेत हैं कि एक और जीवन भी है जिसमें कर्मों के परिणाम सामने आएँगे। बल्कि यही देखा जाता है कि कभी एक जाति उन्नति कर लेने के पश्चात् असफल हो जाती है।