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آل عِمران /

आयत 99

3 : 99
آل عِمران आयतें 200
सूरह · آل عِمران
हिन्दी · Omari
3 : 99

قُلۡ يَٰٓأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ لِمَ تَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ مَنۡ ءَامَنَ تَبۡغُونَهَا عِوَجٗا وَأَنتُمۡ شُهَدَآءُۗ وَمَا ٱللَّهُ بِغَٰفِلٍ عَمَّا تَعۡمَلُونَ

(ऐ नबी) आप कह दीजिए : ऐ किताब वालो! तुम ईमान लाने वालों को अल्लाह के रास्ते से क्यों रोकते होॽ तुम्हें उसमें कुटिलता की तलाश रहती है। जबकि तुम (उसके सच्चे होने के) गवाह होॽ और अल्लाह तुम्हारे कर्मों से अनभिज्ञ नहीं है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात इस्लाम के सत्धर्म होने को जानते हो।