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العَنكبُوت /

आयत 60

29 : 60

आयत 60 of العَنكبُوت (29 : 60). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

العَنكبُوت आयतें 69
सूरह · العَنكبُوت
हिन्दी · Omari
29 : 60

وَكَأَيِّن مِّن دَآبَّةٖ لَّا تَحۡمِلُ رِزۡقَهَا ٱللَّهُ يَرۡزُقُهَا وَإِيَّاكُمۡۚ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ

कितने ही जीव हैं, जो अपनी रोज़ी नहीं उठा सकते। अल्लाह ही उन्हें रोज़ी देता है और तुम्हें भी! और वह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।

Explanation & meanings · 1
  1. ह़दीस में है कि यदि तुम अल्लाह पर पूरा भरोसा करो, तो वह तुम्हें पक्षियों के समान जीविका देगा जो सवेरे भूखा जाते हैं और शाम को अघा कर आते हैं। (तिर्मिज़ी : 2344, यह ह़दीस ह़सन सह़ीह़ है।)