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العَنكبُوت /

आयत 52

29 : 52
العَنكبُوت आयतें 69
सूरह · العَنكبُوت
हिन्दी · Omari
29 : 52

قُلۡ كَفَىٰ بِٱللَّهِ بَيۡنِي وَبَيۡنَكُمۡ شَهِيدٗاۖ يَعۡلَمُ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ بِٱلۡبَٰطِلِ وَكَفَرُواْ بِٱللَّهِ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡخَٰسِرُونَ

आप कह दें : अल्लाह मेरे और तुम्हारे बीच गवाह के रूप में काफ़ी है। वह जानता है, जो कुछ आकाशों और धरती में है। तथा जो लोग असत्य पर ईमान लाए और उन्होंने अल्लाह का इनकार किया, वही घाटा उठाने वाले हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात मेरे नबी होने पर।