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القَصَص /

आयत 86

28 : 86
القَصَص आयतें 88
सूरह · القَصَص
हिन्दी · Omari
28 : 86

وَمَا كُنتَ تَرۡجُوٓاْ أَن يُلۡقَىٰٓ إِلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبُ إِلَّا رَحۡمَةٗ مِّن رَّبِّكَۖ فَلَا تَكُونَنَّ ظَهِيرٗا لِّلۡكَٰفِرِينَ

और आप आशा नहीं करते थे कि आपकी ओर किताब उतारी जाएगी। परंतु आपके पालनहार की दया से (वह अवतरित हुई)। अतः आप कदापि काफ़िरों के सहायक न बनें।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात क़ुरआन पाक।