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القَصَص /

आयत 63

28 : 63
القَصَص आयतें 88
सूरह · القَصَص
हिन्दी · Omari
28 : 63

قَالَ ٱلَّذِينَ حَقَّ عَلَيۡهِمُ ٱلۡقَوۡلُ رَبَّنَا هَٰٓؤُلَآءِ ٱلَّذِينَ أَغۡوَيۡنَآ أَغۡوَيۡنَٰهُمۡ كَمَا غَوَيۡنَاۖ تَبَرَّأۡنَآ إِلَيۡكَۖ مَا كَانُوٓاْ إِيَّانَا يَعۡبُدُونَ

वे लोग कहेंगे जिनपर बात सिद्ध हो चुकी : ऐ हमारे पालनहार! ये वे लोग हैं जिन्हें हमने गुमराह किया, हमने उन्हें उसी तरह गुमराह किया जैसे हम गुमराह हुए। हम तेरे सामने (इनसे) अलग होने की घोषणा करते हैं। ये हमारी तो पूजा नहीं करते थे।

Explanation & meanings · 2
  1. अर्थात दंड और यातना के अधिकारी होने की।
  2. ये हमारे नहीं बल्कि अपने मन के पुजारी थे।